कोचिंग टीचर से दोस्ती और चुदाई
हेलो दोस्तों, आप सब कैसे हैं? जो भी लड़के हैं, वे अपने लंड की जरूरतों को पूरा करें और जितनी भी चूत की मालकिनें हैं, वे लंड की सेवा जरूर लें।
आपने मेरी कहानी का पिछला भाग पढ़ा होगा, अगर नहीं पढ़ा तो पहले पढ़ें। कोचिंग टीचर से दोस्ती और चुदाई: भाग 1
अब आपको पता चलेगा कि पहली बार जल्दी झड़ने के बाद दूसरे राउंड में कैसा रहा मेरा प्रदर्शन प्रिया मैम को चोदने में।
प्रिया मैम की रात की चुदाई के बाद सुबह 9 बजे आंख खुली, तो उन्होंने मुझे भी हल्के से झकझोर कर उठाया। मैं अभी भी थका हुआ था, लेकिन उनकी गोरी चमकती त्वचा देखकर फिर से जोश आ गया।
प्रिया मैम ने अपना नाइट गाउन पहना और मुझे भी कपड़े पहनने को कहा। "चलो रोहन, बाहर कुछ नाश्ता करके आते हैं।
फिर घर आकर आराम से आगे का प्रोग्राम बनाएंगे।" मैंने मुस्कुराते हुए कहा, "ठीक है मैम, लेकिन आप इतनी जल्दी तैयार हो गईं?" वे हंसकर बोलीं, "तुम्हारी वजह से रात भर नींद नहीं आई, अब भूख लग रही है।"
प्रिया मैम ने अपनी ब्लू जींस और व्हाइट टॉप पहना, जो उनकी कर्वी फिगर को और हाइलाइट कर रहा था। उन्होंने अपनी बाइक निकाली और मुझे पीछे बैठा लिया।
हम एक छोटे से कैफे में गए, जहां हमने कॉफी और सैंडविच ऑर्डर किए। खाते समय मैं उनकी आंखों में देखता रहा, और वे शरमाती हुई मुस्कुराती रहीं।
"तुम्हारी आंखें बहुत शरारती हैं रोहन," उन्होंने कहा। मैंने जवाब दिया, "आपकी वजह से मैम।"
खाना खत्म करके प्रिया मैम ने बिल पे किया और हम निकल पड़े।
रास्ते में एक शॉपिंग सेंटर था, वहां हम रुके। मैम ने कुछ कॉस्मेटिक्स और लिंगरी की शॉपिंग की।
मैं उनके साथ घूमता रहा, और कभी-कभी पीछे से उनकी कमर छू लेता। एक बार तो मैंने उनकी गांड पर हल्का सा हाथ फेरा, लेकिन उन्होंने पलटकर कहा, "रोहन, यहां नहीं!
लोग देख लेंगे।" मैंने हंसकर कहा, "कोई नहीं मैम, आप इतनी हॉट लग रही हैं कि रोक नहीं पा रहा।"
शॉपिंग के बाद रास्ते में एक मेडिकल स्टोर आया। प्रिया मैम ने बाइक रोकी और बोलीं, "तुम जाओ और कंडोम का पैकेट ले आओ।" मैं शर्मा गया, "आप क्यों नहीं लेतीं?
अपना फेवरिट फ्लेवर चुन लीजिए।" वे हंसकर उतरीं और खुद ही ले आईं। "चलो अब घर चलते हैं," उन्होंने कहा।
लगभग 11 बजे हम उनके फ्लैट पर पहुंचे। अंदर घुसते ही मैंने उन्हें पीछे से पकड़ लिया, लेकिन वे बोलीं, "रुको रोहन, पहले सामान रख दूं और फ्रेश हो जाऊं।" मैं हॉल में बैठकर फोन पर सेक्स टिप्स पढ़ने लगा।
कैसे लड़की को ज्यादा एक्साइट किया जाए, कैसे लंबे समय तक टिका जाए। प्रिया मैम बाथरूम गईं, मैंने पूछा, "कहां जा रही हैं?" वे बोलीं, "वॉशरूम, तुम भी आओगे क्या?" मैं हंस पड़ा।
बाथरूम से निकलकर वे बेडरूम में गईं और थोड़ी देर बाद एक सेक्सी नाइटवेयर में बाहर आईं। उन्होंने ब्लैक लेस वाली शॉर्ट ड्रेस पहनी थी, जो इतनी शॉर्ट थी कि उनकी गोरी जांघें पूरी दिख रही थीं।
ऊपर से उनकी क्लीवेज साफ नजर आ रही थी। उनका फिगर 34-28-36 का था, जो किसी मॉडल से कम नहीं लग रहा था।
वे मेरे बगल में बैठ गईं और बोलीं, "क्या देख रहे हो इतनी ताकीद से?"
मैंने उनके जांघों पर हाथ रखा और सहलाने लगा। वे सिहर उठीं।
धीरे-धीरे मेरा हाथ उनकी चूत की तरफ बढ़ा, मैं उंगली से हल्का सा छुआ और वापस खींच लिया। वे बोलीं, "ये ट्रिक कहां से सीखी?" मैंने कहा, "वीडियोज से मैम।" फिर उन्होंने मुझे किस करना शुरू कर दिया।
गहरा, पैशनेट किस। मैं उनके पूरे शरीर पर हाथ फेरने लगा – कमर, पीठ, गांड।
प्रिया मैम ने मेरी टी-शर्ट उतारी और मुझे सोफे पर लिटा दिया। वे मेरे ऊपर चढ़ गईं और मेरे सीने को चूमने लगीं।
मैंने भी उनकी ड्रेस ऊपर की और उनके ब्रेस्ट को छुआ। वे इतने सॉफ्ट थे, जैसे रुई।
मैंने उनकी ड्रेस उतार दी, अब वे सिर्फ पैंटी में थीं। उनके ब्रेस्ट 34 साइज के थे, मेरे हाथों में नहीं समा रहे थे।
उन्होंने खुद ही एक ब्रेस्ट मेरे मुंह में डाल दिया, "चूसो रोहन, जैसे बच्चा दूध पीता है।"
मैंने 10 मिनट तक उनके ब्रेस्ट चूसे, निप्पल्स को काटा। वे सिसकारियां भर रही थीं, "आह...
अच्छा लग रहा है।" फिर उन्होंने मुझे पूरा नंगा कर दिया। मेरा लंड देखकर वे बोलीं, "वाह, फिर से तैयार है।" उन्होंने हाथ से हिलाया, फिर मुंह में ले लिया।
मैं स्वर्ग में था। 5 मिनट ब्लोजॉब के बाद मैंने कहा, "मैम, बेडरूम चलें।"
वे मेरा लंड पकड़कर मुझे बेडरूम ले गईं।
वहां मैंने उन्हें बेड पर धकेला और उनकी पैंटी उतार दी। अब वे पूरी नंगी थीं।
उनकी चूत क्लीन शेव्ड थी, गुलाबी और गीली। मैंने टिप्स याद की और उनके पैरों से चूमना शुरू किया – उंगलियां, एड़ियां, घुटने।
ऊपर बढ़ते हुए जांघों को चाटा। वे तड़प रही थीं, "रोहन, अब चूत चाटो ना...
कब से इंतजार कर रही हूं।"
मैंने जीभ से उनकी चूत चाटी, क्लिट को चूसा। वे मेरा सिर दबा रही थीं, "और गहरा...
आह!" कुछ देर बाद वे झड़ गईं, उनका पानी मेरे मुंह में आया – हल्का नमकीन, लेकिन मीठा सा। वे उठीं और मुझे लिटाया।
मेरा लंड शांत था, तो उन्होंने चूसा और खड़ा कर दिया। फिर कंडोम पहनाया और मेरे ऊपर बैठ गईं।
खुद ही लंड सेट किया और उछलने लगीं। उनके ब्रेस्ट उछल रहे थे, मैंने एक को पकड़ा और दबाया।
वे बोलीं, "दूसरे हाथ से मेरी गर्दन सहलाओ।" मैंने गर्दन दबाई, वे सांस रोककर मजा ले रही थीं। फिर मैंने दो उंगलियां उनके मुंह में डाली, वे चूसने लगीं।
15 मिनट की राइडिंग के बाद मैंने कहा, "मैम, आने वाला है।" वे बोलीं, "रुको, मेरा भी... आह!" हम दोनों साथ झड़े।
प्रिया मैम थककर मेरे बगल में लेट गईं। "रोहन, तुमने तो कमाल कर दिया।
सोचा नहीं था इतना स्टैमिना है।" हमने थोड़ा आराम किया, फिर वे मेरे लंड से खेलने लगीं। जल्दी खड़ा हो गया।
उन्होंने दूसरा कंडोम पहनाया। इस बार मैं ऊपर आया, मिशनरी पोज में चोदा।
10 मिनट बाद मैंने कहा, "डॉगी स्टाइल ट्राई करें?" वे घोड़ी बन गईं। पीछे से लंड डाला, बाल पकड़े जैसे लगाम।
एक हाथ से गांड पर थप्पड़ मारे। उनकी गांड लाल हो गई, वे चिल्लाईं, "और जोर से...
फाड़ दो इस चूत को! ये रोज परेशान करती है, किसी लंड को देखते ही मचल जाती है।" वे गालियां दे रही थीं – "चोदो मदरचोद, मेरी चूत की मां चोदो!" मैं और एक्साइट हो गया।
20 मिनट चोदने के बाद मैंने कहा, "अब आने वाला है।" वे बोलीं, "इस बार मेरे मुंह में गिराओ।"
मैंने कंडोम उतारा, वे घुटनों पर बैठीं और चूसने लगीं। मैं उनके मुंह में झड़ा।
उन्होंने सारा निगल लिया और लंड साफ किया। फिर हम साथ नहाए – बाथरूम में भी किसिंग हुई, मैंने उनकी चूत में उंगली की।
नहाकर नंगे ही बेड पर लेटे, बातें कीं। प्रिया मैम ने बताया कैसे उनकी शादी टूट गई थी, और अब वे फ्री हैं।
हम रात 2 बजे तक बात करते रहे, फिर सो गए। सुबह 11 बजे आंख खुली।
संडे था, लेकिन मैम का फोन बज रहा था – कोचिंग से एक्स्ट्रा क्लास का कॉल। उन्होंने कहा, "आज नहीं आ पाऊंगी, तबीयत खराब है।" मैं जाग गया, उन्होंने गुड मॉर्निंग किस किया।
"उठो मेरे राजा," बोलीं। मैंने उनकी चूत में उंगली डाली, वे गर्म हो गईं।
उन्होंने मेरा लंड चूसा, लेकिन इस बार बिना कंडोम के चुदाई की। "रोहन, आज इनसाइड ही," बोलीं।
15 मिनट चोदने के बाद मैं उनकी चूत में झड़ा। फिर हमने ब्रेकफास्ट बनाया – मैम ने किचन में नंगी ही ऑमलेट बनाया।
खाते समय मैंने उन्हें गोद में बिठाया और ब्रेस्ट चूसे। "तुम्हारी वजह से मैं अब हर वीकेंड तुम्हें बुलाऊंगी," बोलीं।
दोपहर में हमने फिर से चुदाई की – इस बार स्टैंडिंग पोज में, दीवार से सटाकर। मैंने उनकी गांड पर थप्पड़ मारे, वे जोर-जोर से मोअन कर रही थीं।
"आह रोहन, तुम मेरे फेवरिट स्टूडेंट हो गए हो।"
शाम को हम बाहर घूमने गए – एक पार्क में। वहां बैठकर बातें कीं, लेकिन मैं उनकी जांघ सहला रहा था।
घर लौटकर रात का डिनर ऑर्डर किया। डिनर के बाद फिर से राउंड – इस बार 69 पोजिशन ट्राई की।
मैं उनकी चूत चाटता, वे मेरा लंड चूसतीं। फिर काउगर्ल में चोदी।
रात भर हमने तीन राउंड और किए, हर बार नई ट्रिक्स ट्राई कीं। प्रिया मैम ने मुझे सिखाया कैसे जी-स्पॉट हिट करना है, कैसे एनल प्ले करना है – लेकिन हमने सिर्फ फिंगरिंग तक रखा।
अगले दिन सुबह मैं घर जाने लगा, लेकिन मैम ने कहा, "अगले वीकेंड फिर आना।" मैंने हामी भरी। इस चुदाई से मैंने बहुत कुछ सीखा – स्टैमिना, टेक्नीक, और कैसे औरत को खुश रखना है।
प्रिया मैम अब मेरी लाइफ का हिस्सा बन गईं। हमारी मुलाकातें जारी रहीं – कभी कोचिंग के बाद, कभी उनके फ्लैट पर।
एक बार तो हमने कार में क्विकी की, रोड ट्रिप पर। कुछ हफ्तों बाद, प्रिया मैम ने मुझे अपनी एक फ्रेंड से मिलवाया – रिया, जो भी कोचिंग टीचर थी।
रिया भी हॉट थी, 35 साल की, divorced। हम तीनों ने एक पार्टी की, जहां शराब के बाद थ्रीसम हुआ।
लेकिन वो अलग कहानी है। फिलहाल, प्रिया मैम के साथ मेरी चुदाई की यादें हमेशा ताजा रहती हैं।
वे कहती थीं, "रोहन, तुम्हारा लंड मेरी चूत का परफेक्ट मैच है।"
दोस्तों, ये कहानी कैसी लगी? फीडबैक जरूर दें।
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Rohan
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