ट्यूशन वाली दीदी से यारी और चुदाई: भाग 2
हेलो दोस्तों, उम्मीद है सब चुदाई के मूड में हो। लड़के अपनी लंड की प्यास बुझाओ और चूत वाली लड़कियां लंड का रस चखो।
ये मेरी स्टोरी का दूसरा और फाइनल पार्ट है। पहले पार्ट में पढ़ा होगा कैसे नेहा दीदी के साथ सुबह चुदाई हुई और फिर दिन शुरू हुआ।
अब बताता हूं कि दोपहर से शाम तक क्या-क्या हुआ और कैसे हमारी ये हॉट रिलेशनशिप और इंटेंस हो गई। दोपहर 12 बजे हमारी नींद खुली तो नेहा दीदी मेरी छाती पर लेटी हुई थीं, बिलकुल नंगी। मैंने उनकी गांड पर हाथ फेरा तो वो जाग गईं और हंसकर बोलीं, "तू तो कभी थकता नहीं, फिर से तैयार?"
दीदी उठीं और किचन में जाकर लंच बनाया। हम दोनों न्यूड ही टेबल पर बैठकर खाने लगे। खाते वक्त मैंने दीदी की निपल्स को पिंच किया,
जिससे वो कराह उठीं, "उफ्फ, तू शैतान है।" लेकिन मैंने नहीं रुका। मैंने दीदी को स्टैंड करवाया और किचन काउंटर पर झुकाकर पीछे से उनकी चूत में लंड रगड़ने लगा।
दीदी बोलीं, "खाना छोड़, पहले चोद ले।"
मैंने बिना कंडोम के ही अंदर डाल दिया और डॉगी स्टाइल में पेलने लगा।
दीदी की गांड लाल हो गई थप्पड़ मार-मारकर, और वो चिल्लाती रहीं, "आह, फाड़ दे मेरी चूत को, तेरे लंड की गुलाम हूं मैं।" 10 मिनट में हम दोनों कम हो गए, स्पर्म उनकी चूत से टपक रहा था।
फिर हम लिविंग रूम में आए और म्यूजिक ऑन करके डांस करने लगे। नेहा दीदी मेरे सामने नंगी थिरक रही थीं, उनके बूब्स उछल रहे थे।
मैंने उन्हें दीवार से सटाकर किस किया और नीचे बैठकर उनकी चूत चाटने लगा। दीदी का पानी निकल आया,
और वो बोलीं, "अब तू लेट, मैं तेरे लंड पर डांस करूंगी।" दीदी मेरे ऊपर सवार हो गईं और रिवर्स काउगर्ल पोज में कूदने लगीं। मैं उनकी गांड पकड़कर सपोर्ट कर रहा था, और दीदी गालियां दे रही थीं, "चोद मुझे ऐसे, मेरी चूत तेरे लंड की भूखी है, रात-दिन सोचती रहती हूं।"
इस राउंड में दीदी दो बार झड़ीं, लेकिन मेरा नहीं हुआ। फिर मैंने पोज चेंज किया और मिशनरी में चोदते हुए उनके मुंह में उंगलियां डालीं, वो चूसती रहीं। 15 मिनट बाद मैंने उनका चेहरा स्पर्म से भर दिया, और दीदी ने उसे रगड़कर बोलीं, "तेरा गिफ्ट है ये।"
शाम होने लगी तो हम बाहर घूमने गए।
नेहा दीदी ने शॉर्ट ड्रेस पहनी थी, जिसमें उनकी जांघें दिख रही थीं। पार्क में हम बेंच पर बैठे, और मैंने उनकी ड्रेस में हाथ डालकर उंगली करने लगा। दीदी बोलीं, "यहां नहीं, कोई देख लेगा।" लेकिन मैंने नहीं माना।
हम एक कोने में गए जहां अंधेरा था, और दीदी ने मुझे ब्लो जॉब दिया। उनका मुंह कमाल का था, जीभ से लंड को चाटतीं, बॉल्स को चूसतीं। मैंने उनके बाल पकड़कर मुंह में चोदा और अंदर ही कम कर दिया। दीदी ने सब निगल लिया और बोलीं, "स्वादिष्ट है तेरा रस।"
घर लौटकर हमने डिनर ऑर्डर किया। खाते-खाते दीदी मेरे लंड से खेल रही थीं। डिनर के बाद दीदी बोलीं, "आज की लास्ट चुदाई, कुछ स्पेशल।" उन्होंने मुझे बेड पर बांध दिया रस्सी से और खुद मेरे ऊपर चढ़ गईं।
दीदी ने कंडोम पहनाया और चूत में लंड लेकर राइड करने लगीं।
मैं बंधा हुआ था, बस देख रहा था। दीदी के बूब्स मेरे चेहरे पर रगड़ रहे थे, और वो आदेश दे रही थीं,
"चाट मेरी निपल्स को, तेरी दीदी को खुश कर।"
20 मिनट की इंटेंस फकिंग के बाद हम दोनों साथ झड़े। दीदी ने मुझे खोला और हग करके बोलीं, "तू मेरा बेस्ट स्टूडेंट है, चुदाई में भी।"
रात को हम बातें करते सो गए। नेहा दीदी ने बताया कि वो और चुदाई चाहती हैं, लेकिन सेफ रहना जरूरी है। सुबह मैं घर चला गया, लेकिन हमारा ये अफेयर चलता रहा। स्टोरी कैसी लगी, बताओ।
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