क्लिनिक वाली सिस्टर सोनिया
दोस्तों, मेरा नाम करण है। मैं मुंबई के एक सबअर्बन एरिया से हूं, जहां फैमिली मिडिल क्लास है, पैसों की हमेशा कमी।
ये बात पैनडेमिक के टाइम की है, जब लॉकडाउन में जॉब नहीं मिल रही थी। मजबूरी में एक छोटे क्लिनिक में असिस्टेंट बन गया।
क्लिनिक में दिन में डॉक्टर, रात में इमरजेंसी। मेरा काम दवाइयां हैंडल करना, पेशेंट हेल्प।
जगह डरावनी – मरीजों की कराहें, मौत की खबरें। मैं 20 का था, लड़कियों से शर्माता।
सीनियर नर्स थी, नाम था सोनिया। सब 'सिस्टर सोनिया' कहते, उम्र 28, स्मार्ट, क्यूट फेस लेकिन काम में स्ट्रिक्ट।
सोनिया गोरी, फिगर टाइट – बूब्स मीडियम लेकिन शार्प निपल्स, गांड उभरी, कमर स्लिम। पहली ड्यूटी उसके साथ लगी, एक महिला पेशेंट की केयर।
महिला ऑपरेशन से आई थी, कमजोर। रात का टाइम, क्लिनिक सूना।
सोनिया बोली, "करण, रूम तैयार कर। ड्रेसिंग चेंज करनी है।"
रूम में महिला लेटी, आंखें बंद, उम्र 38।
शीट ढकी। सोनिया बोली, "शीट पूरी मत हटाना, सिर्फ जरूरत भर।
प्राइवेसी रख।"
हमने पर्दे बंद किए। सोनिया ने बैग से नए कपड़े निकाले – गाउन, ब्रा पैंटी।
"कमर तक शीट सरका।"
मैंने किया, वो पुरानी ड्रेस में थी। सोनिया बोली, "धीरे से ड्रेस नीचे कर, लेकिन देखना मत ज्यादा।"
मेरे हाथ कांपे, पहली बार किसी की ड्रेस उतार रहा था।
ड्रेस अटकी, मैं घबराया। क्लिनिक का वाइब और बुरा – बाहर सिसकियां, कोई मर गया।
सोनिया ने देखा, "तुम इतना डर क्यों रहे? मैं कर लेती हूं।
तुम बाहर से पानी लाओ।"
मैं बाहर गया, पानी लेकर आया। सोनिया ने काम खत्म कर लिया।
हमने मिलकर गाउन पहनाया, रूम सेट किया, रिश्तेदारों को बताया। सोनिया की एफिशिएंसी कमाल, सब क्लीन तरीके से।
मैं सोचा, लड़का हूं लेकिन हर वक्त हवस नहीं। सोनिया ड्यूटी और इंसानियत बैलेंस करती थी।
ड्यूटी खत्म 6 बजे। थकान से हालत खराब।
सोनिया बोली, "जल्दी निकल, वरना दिन की शिफ्ट लगेगी। चाय बना, मैं चेंज कर लूं।"
मैं किचन गया।
वापस आया, सोनिया के यूनिफॉर्म बाहर, वो पर्दे पीछे चेंजिंग। साइड मिरर में दिखा – स्किन चिकनी, बूब्स फर्म, निपल्स डार्क, हिप्स 30 साइज, वेस्ट 24, चूत पर हल्के बाल।
वो उतार रही थी, बॉडी ग्लो कर रही थी। मेरे होंठ सूखे, जीभ फेरी।
बाल खुले, होंठ फुल, आंखें शरारती – जैसे रेडी फॉर एक्शन। सोनिया ने ब्रा पहनी, पैंटी, फिर शॉर्ट ड्रेस।
बाहर आई, जैसे मॉडल। चाय पी, "तुम अच्छा काम कर रहे हो, करण।
कॉन्फिडेंस बढ़ाओ।"
समय हुआ, स्टाफ आया। सोनिया बोली, "चलो, घर चलते हैं।
डॉक्टर रोक लेंगे।" मेरे पास स्कूटर थी, सोनिया बोली, "मुझे ड्रॉप कर।"
मैंने किया। घर पर, "रात को आना टाइम से, करण।" मुस्कुराई।
मैं घर गया, सोया, सपने में सोनिया नंगी। अगली रात क्लिनिक, काम कम।
पेशेंट सोए। हम स्टाफ रूम में।
मैं फोन पर पोर्न देख रहा। सोनिया की आवाज, "कुछ इंटरेस्टिंग मिला?"
मैं चौंका, "क...
क्या?" सोनिया होंठ दबाकर, "कुछ नहीं।" मैं फिर देखने लगा, लेकिन नजर सोनिया पर। उसकी यूनिफॉर्म टाइट, कोट में टांगे क्रॉस।
सोनिया बोली, "पास बैठ, बेड पर।" मैं डरकर बैठा। आंखों में चमक।
जांघ पर हाथ रखा, "वो दृश्य... एंजॉय किया?" मैं घबरा, "कौन सा?" सोनिया चिढ़ी, "सुबह चाय गिराई क्यों?
याद है?"
मेरा ब्रेन फ्रीज। सोनिया ने हाथ जांघ पर रखा, "उफ्फ, कितनी स्मूद है न?" मैं कंफ्यूज, क्या करूं?
सोनिया उठी, दरवाजा लॉक, कोट फेंका, "करण, आज तेरी ये हिचकिचाहट दूर करती हूं।" मैं सोच रहा था, सुबह का वो नजारा मुझे उत्तेजित कर रहा था, लेकिन इतनी स्पीड से? सोनिया ने कोट हटाया, पैर फैलाकर मेरे ऊपर बैठी, पीछे धकेला, लेटकर होंठ मेरे से चिपकाए।
मेरे घुटने मुड़े, सोनिया ने सीधे किए, हाथ पीठ पर ले गई। उसकी इयररिंग चुभ रही थी, लेकिन वो बॉडी की हीट...
अद्भुत थी। पहली बार कोई लड़की मुझे डोमिनेट कर रही थी।
सोनिया ने ऊपरी लिप चूसी, फिर लोअर, मैंने जीभ दी, उसके मुलायम होंठ मेरे थिक लिप्स में फिट। मुझे अपने लिप्स पहले अच्छे नहीं लगते, लेकिन लड़कियां कहती हैं चूसने में फन है।
सोनिया को भी लग रहा था, वो अलग नहीं हो रही, सांस अटक रही, लेकिन मैं भी चिपका रहा। मैंने हाथ से उसकी गांड मसली, कपड़ों पर से दरार में फिंगर रगड़ी।
12 मिनट लिप्स चूसे, सलाइवा मिला। मैंने उसके कपड़े खींचे, वो मेरे।
ब्रा निकाली, निपल्स मेरे मुंह से टच किए, मैंने चूसे, जीभ घुमाई। सोनिया बोली, "हां, ऐसे...
तुम तेज सीखते हो।" आवाज कंट्रोल में, बाहर न जाए। मेरा ध्यान उसके बूब्स पर, निपल्स सक्शन कर रहा था।
मैंने फ्लिप करना चाहा, वो बोली, "मुझे टॉप पर रहना पसंद, नीचे नहीं।"
मैंने सरेंडर किया। सोनिया का एक्सपीरियंस साफ, पैंटी में चूत मेरे लंड से घिसी।
मुझे उठाया, शोल्डर पर हाथ, बैक झुकाकर रगड़ा, मेरा 6.5 इंच लंड रॉक हार्ड। सोनिया बेड पर स्टैंड, मैंने पैंटी नीचे की, उसकी बालों वाली चूत मुंह के सामने।
चाटने का मन नहीं, सोचा force न करे। सोनिया ने फिंगर्स मुंह में चूसी, मेरे फेस पर लगाई, स्माइल दी, लंड निकालने का सिग्नल।
मैंने निकाला, हार्ड था। सोनिया धीरे बैठी, मिसचीफ स्माइल।
चूत लंड टच हुई, मैंने सेट किया, वो सीधा घुसी, पूरा अंदर। सोनिया ने चीक किस किया, "स्मार्ट बॉय।" लिप्स जोड़े, लंड पर बॉउंस करने लगी।
उसकी दबी मोअन्स, "उंह... फील हो रहा है अंदर तक।" बॉउंस करती रही, लिप्स घिसती।
"हां... रखो ऐसे, करण।" वो क्लाइमैक्स पर पहुंची, मेरे शोल्डर पर गिरकर सांस ली।
मेरा लंड स्टिफ था। सोनिया बोली, "टेंशन मत ले, तुझे संतुष्ट करूंगी।" उठी, मुझे बैक पुश किया, लंड चूसा, दांतों से हल्का स्क्रैच।
मेरी मोअन निकली, उसे प्लेजर मिला। चूत का जूस क्लीन किया, स्पीड बढ़ाई।
"ओह... सोनिया...
हां।" मैं बाल टच कर रहा था, माल मुंह में गिरा। मैंने बाल पकड़े, थ्रोट तक पुश किया, वो स्ट्रगल करती रही, मैंने स्प्रे किया।
रिलीज किया तो एंग्री लुक, लेकिन क्यूट। गांड पर स्लैप किया, मेरी ग्रोन निकली।
कपड़े स्ट्रेट किए, फेस पकड़ा, "किसी को बोला तो बुरा होगा।" चारों तरफ देखी, लिप्स पर बाइट, ब्लड आया। बोली, "मुझे अपनी मार्क हर जगह लगानी आती है।" रूम से गई।
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करण
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